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अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने फर्जी लाइसेंस की बात सामने आने पर पाक पायलटों की जांच शुरू की

कतर एयरवेज समेत कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने 262 पायलटों के पास फर्जी लाइसेंस होने की खबर मिलने के बाद पाकिस्तानी कर्मियों के खिलाफ जांच शुरू की है और उन्हें अगले नोटिस तक काम पर आने से रोक दिया है।

नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन (पीआईए) ने पिछले हफ्ते ‘संदिग्ध लाइसेंस’ वाले 150 पायलटों को काम पर आने से मना कर दिया था क्योंकि कराची के 22 मई के विमान हादसे की प्राथमिक जांच में इस त्रासदी के लिए पायलटों एवं विमान यातायात नियंत्रण कक्ष को जिम्मेदार पाया गया। इस हादसे में 97 लोगों की जान चली गई थी।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रविवार को सूत्रों के हवाले से खबर दी कि कुवैत एयर ने सात पाकिस्तानी पायलटों एवं 56 इंजीनियरों को घर बिठा दिया है जबकि कतर एयरवेज, ओमान एयर और वियतनाम एयरलाइंस ने पाकिस्तानी पायलटों, इंजीनियरों और अन्य कर्मियों की सूची बनाई है।

इन कंपनियों ने कहा है कि जिनके नाम इन सूचियों में हैं, वे तब तक काम पर नहीं आएंगे जब तक पाकिस्तानी अधिकारियों से रिपोर्ट नहीं मिल जाती। अखबार के अनुसार पीआईए के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि कपंनी ने विदेशी मिशनों, वैश्विक विनियामकीय और सुरक्षा संगठनों को पत्र लिखकर उन्हें आश्वासन दिया है कि उसने गलत तरीके से लाइसेंस पाने के संदेह में सभी 141 पायलटों को काम पर आने से मना कर दिया है। इस पत्र पर पीआईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरशद मलिक के दस्तखत हैं।

पाकिस्तान के नागर विमानन मंत्री गुलाम सरवर ने पिछले सप्ताह कहा था कि सरकार ने विभिन्न वाणिज्यिक एयरलाइनों, फ्लाइंग क्लबों और चार्टर कंपनियों से 262 पायलटों को तब तक घर पर बिठा देने को कहा है जब तक उनकी योग्यता की जांच पूरी नहीं हो जाती।

पिछले महीने कराची में पीआईए के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की प्राथमिक जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। इस जांच में पाया गया कि पायलट मानक प्रक्रिया का पालन करने में विफल रहे। वैश्विक सुरक्षा एवं परिवहन निकायों ने कथित संदिग्ध लाइसेंसों पर चिंता प्रकट की और कहा कि वे इस विषय पर गौर कर रहे हैं।