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बाइक के लिए दूल्हा मंडप छोड़कर भागा तो दुल्हन ने शादी से इंकार कर बारातियों को बैरंग लौटाया

BIHAR:नालंदा की बेटियों ने दहेज दानवों को सबक सिखाया है। बाइक नहीं मिलने पर जब दूल्हा रूठ गया तो मनाने के बजाय दुल्हन ने साफ कह दिया कि उसे ऐसा जीवनसाथी नहीं चाहिए और, दूल्हे और बाराती को खाली हाथ लौट जाना पड़ा। इस बीच लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हा समेत पांच परिजनों को घंटों बंधक बनाये रखा।

दरअसल चंडी थानाक्षेत्र के रूपसपुर गांव से सुहावन दास के बेटे विजेंद्र कुमार की बारात शनिवार को बिहारशरीफ शहर के एक मोहल्ले में आयी थी। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। समधी मिलन से लेकर दरवाजा लगने और वरमाला की रस्म अदा कर दूल्हा और बाराती पक्ष के सभी लोग जलमासा (बारातियों के ठहने के लिए बनाया गया स्थल) पर चले गए।

इसी बीच वधू पक्ष के लोगों के पास अचानक खबर आयी कि दूल्हा भाग गया है। खबर मिलते ही वधू पक्ष में हड़कंप मच गया। गुस्से में वधू पक्ष के लोगों ने समधी समेत 5 लोगों को बंधक बना लिया। दूल्हे की हरकत देखकर लड़की पक्ष के लोग आग बबूला हो गये। दूल्हे को बुलाने का दबाब बनाने लगे। इसी बीच किसी ने नगर थाना को इसकी सूचना दे दी।

नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंचकर दूल्हे को बुलाने का दबाव बनाया। दबाव बढ़ा देख रविवार को युवक ज्योंहि मोहल्ला पहुंचा। गुस्साए वधू पक्ष के लोगों ने उसपर लात-घूंसे की बरसात कर दी। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों को शांत कराते हुए थाने लाई। वहां वधू ने स्पष्ट तौर पर कह दिया कि मुझे ऐसा जीवनसाथी नहीं चाहिए, जो दहेजलोभी हो। इसके बाद स्थानीय लोगों और नगर थानाध्यक्ष के प्रयास से क्षतिपूर्ति की राशि वधू पक्ष को देने के बाद दूल्हे को छोड़ दिया गया। दूल्हा बैरंग वापस लौट गया।

दहेजलोभियों के लिए सबक:
नगर थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि युवती ने स्पष्ट तौर पर शादी से इंकार करते हुए किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं करायी। हालांकि, दुल्हिन का यह कदम दहेजलोभियों के लिए निश्चय ही सबक का काम करेगा। समाज को ऐसी बेटियों की हिम्मत व जज्बे को सलाम करना चाहिए।