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एके 56, टॉय गन, टैंक गन पिचकारी से बच्चे खेलेंगे होली

पटना की सड़कें और गलियां रविवार से ही सुनसान होने लगी। शहर के बाजार का मूड होलियाना हो गया है। होली पर्व को लेकर बाजार में पिचकारी से लेकर रंग-गुलाल तक की खरीदारी का अंतिम दौर चल रहा है। कोरोना के वायरस का डर भुलकर लोग होली की खरीदारी में लगे रहे। गांव-घर लौटने के पहले पिचकारी, रंग, गुलाल, मुखौटा की खरीदारी बाजारों में चल रही है। अंतिम दौर की खरीदारी में लोग परंपरागत बड़ी पिचकारियां खरीदते दिखे। ढाई सौ रुपये से पांच सौ रुपये के बीच लंबी पिचकारियों की बिक्री हुई। जबकि बच्चों की पहली पसंद अभी भी गन वाली पिचकारियां ही रहीं। बच्चों ने एके 56, टॉय गन, टैंक गन पिचकारी आदि की खरीदारी करते दिखे। इसकी कीमत रविवार को 50 रुपये से लेकर 800 रुपये के बीच रही।

 

रंग-अबीर के अलावा ड्राइ-फ्रूट और घर सजावट के सामानों की भी खरीदारी लोगों ने की।

नरेन्द्र मोदी मुखौटा :
बाजार में तरह-तरह के मुखौटा और बाल की खूब खरीदारी हो रही है। घर लौट रहे लोग अपने साथ नरेन्द्र मोदी मुखौटा की भी खरीदारी करते दिखे। दो सौ रुपये कीमत होने के बावजूद लोगों ने मुखौटा की खरीदारी की। मोदी के अलावा कामिनी मुखौटा भी लोगों को खूब भाया। लोगों ने इस होली में भूत वाले मुखौटे को कम तवज्जो दिया। मुखौटा के अलावा बाल भी लोगों को खूब पसंद आया। खासकर मलिंगा स्टाइल बाल पिछले बार की तरह इस बार भी लोगों को काफी पसंद आया।

कुर्ता-पायजामा की बढ़ी बिक्री :

होली को देखते हुए कुर्ता-पायजामा, टीशर्ट और जिंस की खूब खरीदारी हुई। लखनवी चिकेन कुर्ता और पायजामा लोगों की पहली पसंद रही। छह सौ रुपये से लेकर डेढ़ हजार के बीच लोगों ने कुर्ता-पायजामा की खरीदारी की। खेतान मार्केट के राजीव कुमार कहते हैं कि होली में कुर्ता-पायजामा के अलावा जिंस और टीशर्ट और महिलाओं की कुर्ती, सूट-सलवार और साड़ी की भी खूब बिक्री हुई। हनुमान नगर के पंकज कुमार कहते हैं कि रविवार को बाजार में बिकवाली बढ़ी। लोग बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए खरीदारी किए।

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